हकीकत की जमीन पर हमें देश में भले, गरीबी और बेरोजगारी एक विकराल समस्या के रूप में दिखती है, पर ऑनलाइन सर्वे कुछ अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। एक ऑनलाइन सर्वेक्षण के मुताबिक रोजगार के मामले में इस वक्त भारत की स्थिति दुनिया में काफी बेहतर है। यही नहीं, अमेरिकन एक्सप्रेस और सीएफओ रिसर्च के साझा सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि अगले कुछ महीनों में भी अन्य देश के मुकाबले भारत में रोजगार वृद्धि का प्रतिशत बेहतर रहेगा।
सर्वे के अनुसार 78 फीसदी कारोबारी भारत में रोजगार संभावनाओं में मजबूत वृद्धि की उम्मीद करते हैं, इसके मुकाबले चीन के 50 फीसदी और अमेरिका के 61 फीसदी वित्तीय पेशेवरों को रोजगार वृद्धि की उम्मीद है। सर्वे में शामिल भारत के 72 फीसदी वित्तीय कारोबारियों का कहना है कि रोजगार के नए अवसर पैदा होने से देश में रोजगार की स्थिति सुधरेगी। मौजूदा कारोबारों में वृद्धि होने से भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अमेरिकन एक्सप्रेस की कंट्री हेड सारु कौशल के मुताबिकआर्थिक परिदृश्य के मामले में भारत उन देशों में सबसे आगे है जहां रोजगार बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि सर्वेक्षण में कुशल श्रमिकों की कमी की बात भी कही गई है। सर्वेक्षण में अपनी राय देने वाले 58 फीसदी लोगों का मानना है कि तकनीक में सुधार से भी भारत के रोजगार बाजार पर सकारात्मक प्रभाव दिख सकता है। सर्वेक्षण में 44 फीसदी भारतीय वित्तीय क्षेत्र के दिग्गजों का मानना है कि कर्मचारियों की बढ़ती संतुष्टि भी एक अहम मुद्दा है। इसी तरह 29 फीसदी लोगों के मुताबिक उनकी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या उनकी कमाई के मुकाबले तेजी से बढ़ी है जबकि 48 फीसदी लोगों का कहना है कि ये दोनों चीजें समान गति से बढ़ रही हैं। सर्वे से एक ओर जहां भारत के रोजगार बाजार में उभरती आशाएं जाहिर हुईं हैं वहीं कंपनियों के भीतर निर्णय लेने की प्रक्त्रिस्या में वित्तीय क्षेत्र के पेशेवरों की भूमिका के बारे में भी कुछ सूचनाएं दी गई हैं।


























