29 March 2015

सोशल मीडिया पर आप की ‌जमकर हो रही है फजीहत


... वो जो हम में, तुम में करार था, तुम्हें याद हो कि न याद हो...
याद कीजिए जरा दो-ढाई साल पहले का माहौल। दिल्ली के जंतर-मंतर में लोकपाल बिल के लिए अन्ना हजारे का आंदोलन किस तरह सोशल मीडिया के जरिए रातो-रात परवान चढ़ा था। इसके बाद साथ ही आंदोलन के सह उत्पाद (बाई प्रोडक्ट) के रूप में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) अचानक से फलक पर उभर आई थी।

सोशल मीडिया पर कथित रायशुमारी के जरिए ही केजरीवाल ने उस समय पार्टी के बनकर राजनीति के मैदान में उतरने और ‌देश की सियासत की सफाई का बीड़ा बड़े जोश ओ खरोश के साथ बड़े-बड़े आदर्शों का ढिंढोरा पीट कर उठाया था। अब जरा वक्त की करवट देखिए वही सोशल मीडिया आज न केवल आप के कुनबे में तेजी से हुए बिखराव का रंगमंच बना हुआ है, बल्कि केजरीवाल और उनकी ‘चांडाल चौकड़ी’ की थुक्का-फजीहत का बायस बन गया है। ट्वीटर, एफबी पर जहां केजरी गैंग खुद को सही और योगेन्द्र व प्रशांत को ‘गद्दार’ साबित करने के लिए तरह-तरह की बातें बनाता दिख रहा है, वहीं मीटिंग में पार्टी कार्य समिति बाउंसर्स को ‌बुलाने और पार्टी में अहम भूमिका निभाने वालों को एक के बाद एक दरकिनार करने को लेकर केजरी को गरियाया भी जम कर जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को हुई जूतम-पैजार के सोशल मीडिया पर पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है। यूजर्स आम आदमी पार्टी और इसके नेताओं पर विभिन्न पोस्ट्स और जोक्स के जरिए तीखे कटाक्ष कर रहे हैं।

एक यूजर ने पार्टी की मीटिंग की तुलना डब्ल्यूडब्ल्यूई के पहलवानों से करते हुए रिंग में लड़ते रेसलर्स की तस्वीर अपलोड की है। किसी ने केजरीवाल का स्टिंग करने वाले कार्यकर्ता उमेश को 'सांप' बताया। इसके अलावा केजरीवाल द्वारा दोनों बार सीएम पद की शपथ लेते समय गाए गए गाने 'इंसान का इंसान से हो भाईचारा' पर कार्टून के जरिए तीखा कटाक्ष किया गया है।

कभी महाराष्ट्र में आम आदमी पार्टी की कमान संभालने वाली अंजलि दमानिया ने केजरीवाल और पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। मीटिंग में हुई मारपीट पर अंजलि ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया कि 'हमें अपनों ने निकाला, बाउंसर्स में कहां दम था, हमारी हड्डी वहीं टूटी, जहां फैट कम था।' अंजलि ने एक फोटो भी डाला है, जिसमें केजरीवाल योगेंद्र यादव को अपशब्द कहते नजर आ रहे हैं। हालांकि विवाद के बाद सोशल मीडिया पर मौजूद आम आदमी पार्टी के कई बड़े समर्थक मौन नजर आ रहे हैं।

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