29 March 2015

ब्रॉडकास्टर्स को 10+2 ऐड कैप मामले में मिली मोहलत

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) की ओर से 10+2 ऐड कैप मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर अदालत ने अपनी सुनवाई स्थगित 23 जुलाई तक कर दी है। कोर्ट के फैसले से ब्रॉडकास्टर्स को एक बार फिर कुछ राहत मिल गई है।
एनबीए और म्यूजिक व क्षेत्रीय चैनलों ने विज्ञापन समय सीमा नियम में संशोधन करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को उनके द्वारा दिए गए पपत्र के बारे में अदालत को सूचित किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मंत्रालय नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है।  ब्रॉडकास्टर्स को इस मामले में सरकार से इसलिए उम्मीद है क्यों कि सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों पर पाबंदी लगाने के पक्ष में न होने की बात कही थी। जेटली से पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश रहे जावड़ेकर ने भी घोषणा की थी कि सरकार फ्री टू एयर (एफटीए) चैनलों को विज्ञापन समय सीमा से छूट देने पर विचार कर रही है।
हालांकि ब्रॉडकॉस्टर्स को मिली इस राहत के बावजूद याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने से भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को दिया गया निरोधक अंतरिम आदेश जारी रहेगा। 21 जनवरी को अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 मार्च दी थी। इससे पहले 20 नवंबर को अपनी सुनवाई के दौरान कोर्ट अंतिम सुनवाई के लिए 21 जनवरी 2015 की तारीख तय की थी। गौरतलब है कि न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन, बी4यू, 9 एक्स मीडिया, टीवी विजन, सन टीवी नेटवर्क, ई24 और कलिग्नार टीवी ने ट्राई के द्वारा जारी 10+2 ऐड कैप के खिलाफ याचिका दायर की है। ट्राई ने ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक घंटे के कार्यक्रम के दौरान 12 मिनट ऐडवरटाइजिंग प्रसारण करने की समय-सीमा निर्धारित की है, जिसमें क्वॉलिटी ऑफ सर्विस नॉर्म के तहत चैनलों द्वारा खुद प्रचार के लिए चलाए जाने वाले प्रोमो भी शामिल हैं। 6 मई 2014 को हुई सुनवाई में ट्राई ने तर्क दिया था कि कुछ के मामलों में कई ब्रॉडकास्टर्स को ऐड कैप के नियमों का उल्लंघन करते पाया गया है। कभी-कभी उन्होंने एक दिन में करीब 20 घंटे से भी ज्यादा का विज्ञापन प्रसारित किया है। ज्ञात हो कि ट्राई के वकील ने इस मामले में जल्द सुनवाई की याचिका दायर की थी।

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