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| जय हो... |
चार साल पहले करीब दर्जन भर ऑस्कर पुरस्कार पाने वाली फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ की कहानी रचने वाले वरिष्ठ राजनयिक और मशहूर लेखक विकास स्वरूप को विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। वह 18 अप्रैल को नया पद ग्रहण करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पद पर वह सैयद अकबरुद्दीन की जगह लेंगे। पिछले तीन साल से सैयद अकबरुद्दीन प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे थे। यह जानकारी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में दी गई है।
गौरतलब है कि स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म स्वरूप के उपन्यास 'क्यूएंडए' पर ही आधारित थी। स्वरूप 1986 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। वह अक्तूबर में आयोजित होने वाली भारत-अफ्रीका शिखर बैठक में अहम भूमिका निभाएंगे। स्वरूप फिलहाल विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव, संयुक्त राष्ट्र-राजनीतिक के रूप में काम कर रहे हैं। विकास स्वरूप पहली बार चर्चा में उस समय आए थे जब ‘जय हो’ का संगीत रचने के लिए ऑस्कर जीत कर एआर रहमान यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बने थे। इसलिए स्वरूप की कहानी पर आधारित ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ को भारतीय फिल्म जगत के इतिहास में एक अहम मुकाम मिला हुआ है। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्मे विकास स्वरूप वकीलों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इतिहास, दर्शन शास्त्र और मनोविज्ञान में डिग्री हासिल की है। क्यूएंडए उनका पहला ही उपन्यास था जो उन्हें सुर्खियों में ले आया था क्योंकि इसका अनुवाद तीन दर्जन से ज्यादा भाषाओं में हुआ था। इसके बाद इसी पुस्तक पर स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म बनी जिसने सन 2004 में 11 ऑस्कर अवॉर्ड जीते थे।
गौरतलब है कि स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म स्वरूप के उपन्यास 'क्यूएंडए' पर ही आधारित थी। स्वरूप 1986 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं। वह अक्तूबर में आयोजित होने वाली भारत-अफ्रीका शिखर बैठक में अहम भूमिका निभाएंगे। स्वरूप फिलहाल विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव, संयुक्त राष्ट्र-राजनीतिक के रूप में काम कर रहे हैं। विकास स्वरूप पहली बार चर्चा में उस समय आए थे जब ‘जय हो’ का संगीत रचने के लिए ऑस्कर जीत कर एआर रहमान यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बने थे। इसलिए स्वरूप की कहानी पर आधारित ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ को भारतीय फिल्म जगत के इतिहास में एक अहम मुकाम मिला हुआ है। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्मे विकास स्वरूप वकीलों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इतिहास, दर्शन शास्त्र और मनोविज्ञान में डिग्री हासिल की है। क्यूएंडए उनका पहला ही उपन्यास था जो उन्हें सुर्खियों में ले आया था क्योंकि इसका अनुवाद तीन दर्जन से ज्यादा भाषाओं में हुआ था। इसके बाद इसी पुस्तक पर स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म बनी जिसने सन 2004 में 11 ऑस्कर अवॉर्ड जीते थे।

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