सरकारी टीवी चैनल दूरदर्शन आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर एक नया साप्ताहिक कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। सेहत से जुड़े इस कार्यक्रम का नाम 'आयुष्मान भारत' रखा गया है। यह आधे घंटे का होगा और इसमें चिकित्सा की प्राचीनतम पद्धतियों की जानकारी देते हुए इनपर चर्चा की जाएगी।कार्यक्रम का पहला एपिसोड 28 मार्च, 2015 को शाम 6 बजे प्रसारित किया जाएगा।
कार्यक्रम की पहली कड़ी में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक लोगों को अपने मंत्रालय की जन कल्याण योजनाओं से रूबरू कराएंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण डीडी नेशनल और नौ अन्य क्षेत्रीय केंद्रों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा, जिससे कि देशभर के दर्शकों के साथ बेहतर तरीके से संबंध स्थापित किया जा सके। इलाज की प्राचीनतम पद्धतियों के जरिए देश में लोगों को स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
इसके साथ ही यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान में दर्शकों की मदद करेगा। कार्यक्रम में आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ही यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के विशेषज्ञ भी लोगों को इलाज व सेहत से जुड़ी जानकारियां प्रदान करेंगे। दर्शक सीधे फोन कॉल के जरिए विशेषज्ञों अपनी समस्याओं का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। इस तरह दूरदर्शन का यह शो चिकित्सकों को दर्शकों से सीधे तौर पर मुखातिब कराएगा। कार्यक्रम के बारे में दूरदर्शन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा होगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति को दोबारा से प्रचलन में लाने के उद्देश्य से नवंबर 2014 में आयुष विभाग को एक स्वतंत्र मंत्रालय बना दिया था।
कार्यक्रम की पहली कड़ी में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक लोगों को अपने मंत्रालय की जन कल्याण योजनाओं से रूबरू कराएंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण डीडी नेशनल और नौ अन्य क्षेत्रीय केंद्रों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा, जिससे कि देशभर के दर्शकों के साथ बेहतर तरीके से संबंध स्थापित किया जा सके। इलाज की प्राचीनतम पद्धतियों के जरिए देश में लोगों को स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।
इसके साथ ही यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान में दर्शकों की मदद करेगा। कार्यक्रम में आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा के साथ ही यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के विशेषज्ञ भी लोगों को इलाज व सेहत से जुड़ी जानकारियां प्रदान करेंगे। दर्शक सीधे फोन कॉल के जरिए विशेषज्ञों अपनी समस्याओं का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। इस तरह दूरदर्शन का यह शो चिकित्सकों को दर्शकों से सीधे तौर पर मुखातिब कराएगा। कार्यक्रम के बारे में दूरदर्शन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा होगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति को दोबारा से प्रचलन में लाने के उद्देश्य से नवंबर 2014 में आयुष विभाग को एक स्वतंत्र मंत्रालय बना दिया था।

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