29 March 2015

अब एफएम सुन कर अच्छे दिनों का इंतजार कीजिए जनाब

बजाते रहो...
बजाते रहो...
मोदी के सरकार में आने के बाद अच्छे दिन भले ही नहीं आए, पर रेडियो जॉकी की चुहलबाजी भरी बातचीत और दमदार साउंड में नई-नई फिल्मों के गाने बैक टू बैक के दिन जल्द ही देश के कई छोटे शहरों के लोंगों के लिए भी आने वाले हैं। अच्छा ही है। अब यह लोग गाने सुन-सुन कर ज्यादा लंबे समय तक अच्छे दिनों का इंतजार कर सकेंगे।

संचार क्षेत्र की नियामक टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी आफ इंडिया यानी ट्राई ने कई नए शहरों में एफएम रेडियो चैनलों की तीसरे फेज की नीलामी के लिए सुरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) की अपनी सिफारिशें जारी कर दी हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 264  नए शहरों में एफएम शुरू करने के लिए दिसंबर में ट्राई से अपनी सिफारिशें देने को कहा था।

मार्च में दिल्‍ली में ट्राई और संबंधित पक्षो (स्टेक होल्डर्स) के बीच हुई बैठक के बाद ये सिफारिशें जारी की गई हैं। सिफारिशों के अनुसार, नए शहरों में एफ रेडियो चैनल के लिए रिजर्व प्राइस उस शहर में चैनल के मूल्‍य निर्धारण का 0.8 गुना होगा। ट्राई ने 253 नए शहरों के लिए भी रिजर्व प्राइस के बारे में अपने सुझाव दिए हैं। महाराष्‍ट्र के अमरावती के लिए 3.1 करोड़ रुपये रिजर्व प्राइस का सुझाव दिया गया है, जबकि दमन के लिए 1.24 करोड़ रुपये का सुझाव  दिया गया है।

ट्राई ने यह सुझाव भी दिया है कि फेज तीन में अन्‍य कैटेगरी के तहत सीमावर्ती इलाकों में स्थित 11  शहरों में प्रत्‍येक चैनल के लिए पांच-पांच लाख रुपये का रिजर्व प्राइस रखा जाना चाहिए। ट्राई के मुताबिक उसने रिजर्व प्राइस की गणना उस शहर की आबादी, एफएम सुनने वालों की संख्‍या और रेडियो ऑपरेटर द्वारा वहां से प्राप्‍त किए जाने वाले रेवेन्‍यू जैसी चीजों को आधार बना कर की है।

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