07 April 2015

'घर वापसी' को 'गांधीवादी' कदम बता रहे आरएसएस के यह महाशय

... सुनिये, जरा मेरी भी
अफवाह फैलाने और फर्जी हाइपोथिसिस खड़ी करके उसे प्रचारित करने में वाकई आरएसएस का कोई तोड़ नहीं है। इस तरह की अपनी एक नई कवायद के तहत उसने 'घर वापसी' मुस्लिमों को हिन्दू धर्म में लाने की कवायद को सीधे महात्मा गांधी से जोड़ दिया है। संघ की नई दलील है कि 'घर वापसी' उसका नहीं बल्कि राष्ट्रपिता माने जाने वाले गांधी जी का विचार है।
आरएसएस के विचारक राकेश सिन्हा का कहना है कि आरएसएस द्वारा आयाजित किए जा रहे 'घर वापसी' के कार्यक्रमों की भले ही आलोचना की जा रही हो, लेकिन घर वापसी की वकालत सबसे पहले महात्मा गांधी ने की थी। गांधी जी ने अपने बड़े बेटे हरिलाल द्वारा मुस्लिम धर्म स्वीकार करने पर उसे पत्र लिखकर कहा था कि घर वापस आ जाओ। सिन्हा के मुताबिक बापू ने आरएसएस के बारे में कभी नकारात्मक बात नहीं की। संघ के वर्धा कार्यक्रम में तो वह बिना बुलाए पहुंच गए थे और सेवा कार्यों की प्रशंसा भी की।
संघ के विचारक राकेश सिन्हा ने यह बातें भोपाल में आयोजित आरएसएस के ही एक कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने अनेक प्रसंगों का जिक्र करते हुए संघ के प्रति गांधीजी के सकारात्मक विचारों पर जोर दिया।
सिन्हा ने कहा कि गांधी जी ने अपने बेटे की गलती पर अपने अखबार 'हरिजन' में दो बार लेख लिखे, लेकिन संघ के खिलाफ उन्होंने कभी एक लाइन भी लिखी। सिन्हा ने जोर देकर कहा कि घर वापसी को लेकर आज भले बातें बनाई जा रही हों लेकिन सबसे पहले घर वापसी के लिए गांधीजी ने अपने बेटे को प्रेरित किया था।

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