03 April 2015

कॉल ड्राप की बढ़ती शिकायतें टेली कंपनियों पर पड़ेंगी भारी

कॉल ड्रॉप यानी बीच में फोन कट जाने की लगातार बढ़ती शिकायतें अब टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनियों पर भारी पड़ सकती हैं। सरकार ने इस पर तेवर सख्त कर दिए हैं। संचार मंत्रालय ने इसे लेकर सभी टेलीकॉम कंपनियों को चेतावनी दी है।

मंत्रालय ने कंपनियों को चेताया है कि कॉल ड्राप की शिकायतें अगर कम नहीं हुईं और सेवा की क्वालिटी नहीं सुधरी तो सरकार कार्रवाई के लिए इस मामले को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को सौंप देगी।
पिछले कई महीनों से मंत्रालय को कॉल ड्राप की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक कई शहरी इलाके में टेलीकॉम टावर को कम किए जाने की वजह से कॉल ड्राप की शिकायतें बढ़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक कॉल ड्राप का कारोबार कई सौ करोड़ रुपये का हो गया है और जान बूझ कर कॉल ड्राप कराई जाती है।

मंत्रालय का कहना है कि उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवा के लिए सरकार जिम्मेदार है। इसलिए सरकार इस मामले को लेकर काफी गंभीर है। मंत्रालय का यह भी कहना है कि स्पेक्ट्रम नीलामी की वजह से उपभोक्ताओं को लगने वाली कॉल दर में मात्र 1.3 पैसे प्रति मिनट की बढ़ोतरी होगी।

No comments: