अपनी हिंदूवादी विचारधारा, खाश वेश-भूषा और कार्यशैली के लिए जाना जाने वाला आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन दिनों अपना चेहरा और तौर-तरीके बदलने की कवायद में जुटा है।
संघ अब सूचना क्रांति की नई तकनीक को बढ़ाकर अपना दायरा बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत आरएसएस ने आधा दर्जन से अधिक मोबाइल एप्स लांच कर तेजी से लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की है। इसमें आरएसएस मोबाइल, श्री गुरुजी, अमृत वचन, स्मरणीयम्, वंदना, प्रेरणा सुमन, अर्चना आदि प्रमुख हैं। इसके साथ ही संघ की शाखाओं में स्वयंसेवकों को अब मोबाइल एप्स की भी जानकारी देनी भी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि जन लोकपाल बिल को लेकर हुए अन्ना आंदोलन को मिले भारी जन समर्थन और इसके बाद बनी आम आम आदमी पार्टी के तेजी से फैले दायरे में सोशल मीडिया की व्यापक भूमिका ने संघ को काफी प्रभावित किया है। इसे देखते हुए ही परंपरागत ढर्रे पर चलने वाला यह संगठन अब सोशल मीडिया और नई डिजिटल प्लेटफार्म पर काफी ध्यान दे रहा है। इसके जरिए आरएसएस युवा वर्ग में मजबूत पकड़ बनाना चाहता है, जिसके लिए वह मोबाइल एप्स का सहारा ले रहा है।
बताया जा रहा है कि आरएसएस को 2014 के लोकसभा चुनाव में इस बात का अंदाजा हो गया है कि संचार तकनीक के जमाने में सोशल मीडिया की कितनी ताकत रखता है। इसलिए वह भी मोबाइल ऐप्स को अपना रहा है। आरएसएस के मोबाइल एप में शामिल प्रेरणा सुमन में देश के महान विभूतियों के जीवन का वर्णन हैं। इसमें आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार से लेकर संघ के तमाम सर संघ चालकों की बाबत पूरी जानकारी है।
इसके साथ ही देश के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की भी जीवनी दी गई है। इनमें गुरुजी, संघ के द्वितीय सरसंघ चालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर का जीवन प्रसंग है।
इसी तरह आरएसएस मोबाइल, शाखाओं की लोकेशन बताता है। अमृत वचन हिंदुत्व की अवधारणा से भरा पड़ा है। वंदना ऐप में वैदिक मंत्र और उनका हिंदी अनुवाद है। स्मरणीयम् में दोहे, श्लोक आदि हैं।
संघ अब सूचना क्रांति की नई तकनीक को बढ़ाकर अपना दायरा बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। इसके तहत आरएसएस ने आधा दर्जन से अधिक मोबाइल एप्स लांच कर तेजी से लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की है। इसमें आरएसएस मोबाइल, श्री गुरुजी, अमृत वचन, स्मरणीयम्, वंदना, प्रेरणा सुमन, अर्चना आदि प्रमुख हैं। इसके साथ ही संघ की शाखाओं में स्वयंसेवकों को अब मोबाइल एप्स की भी जानकारी देनी भी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि जन लोकपाल बिल को लेकर हुए अन्ना आंदोलन को मिले भारी जन समर्थन और इसके बाद बनी आम आम आदमी पार्टी के तेजी से फैले दायरे में सोशल मीडिया की व्यापक भूमिका ने संघ को काफी प्रभावित किया है। इसे देखते हुए ही परंपरागत ढर्रे पर चलने वाला यह संगठन अब सोशल मीडिया और नई डिजिटल प्लेटफार्म पर काफी ध्यान दे रहा है। इसके जरिए आरएसएस युवा वर्ग में मजबूत पकड़ बनाना चाहता है, जिसके लिए वह मोबाइल एप्स का सहारा ले रहा है।
बताया जा रहा है कि आरएसएस को 2014 के लोकसभा चुनाव में इस बात का अंदाजा हो गया है कि संचार तकनीक के जमाने में सोशल मीडिया की कितनी ताकत रखता है। इसलिए वह भी मोबाइल ऐप्स को अपना रहा है। आरएसएस के मोबाइल एप में शामिल प्रेरणा सुमन में देश के महान विभूतियों के जीवन का वर्णन हैं। इसमें आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार से लेकर संघ के तमाम सर संघ चालकों की बाबत पूरी जानकारी है।
इसके साथ ही देश के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की भी जीवनी दी गई है। इनमें गुरुजी, संघ के द्वितीय सरसंघ चालक माधव सदाशिव राव गोलवलकर का जीवन प्रसंग है।
इसी तरह आरएसएस मोबाइल, शाखाओं की लोकेशन बताता है। अमृत वचन हिंदुत्व की अवधारणा से भरा पड़ा है। वंदना ऐप में वैदिक मंत्र और उनका हिंदी अनुवाद है। स्मरणीयम् में दोहे, श्लोक आदि हैं।

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